सम्मान करें स्त्रियों का । शारीरिक संरचना से ही नहीं, अन्तःकरण से पुरूष बनिये । सुनिश्चित करें कि हमारी उपस्थिति किसी के लिये संकोच, उत्पीड़न या भय का कारण ना बनें । स्वयं को पुरूष या मर्द कहना है तो पालन करें इन नियमों का, "स्त्रियों को मान, धर्म का सम्मान और देश की रक्षा" ।
दुर्गा अष्टमी की शुभकामनाएँ । माँ आप सभी पर कृपा बनाए रखे ।
आदित्य विक्रम मालीवाल©
चित्तौड़गढ़, राजस्थान ।
चित्तौड़गढ़, राजस्थान ।