आज शुभारम्भ है न्याय का,
प्रतिशोध के अभिप्राय का,
सिंहनियों के दूध की लाज बचाई है,
सिंहों की मूछें ताव में फिर आज आई है ॥
जय हिन्द..।
जय भारत...॥
आदित्य विक्रम मालीवाल©
चित्तौड़गढ़, राजस्थान ।
आज शुभारम्भ है न्याय का,
प्रतिशोध के अभिप्राय का,
सिंहनियों के दूध की लाज बचाई है,
सिंहों की मूछें ताव में फिर आज आई है ॥
जय हिन्द..।
जय भारत...॥
आदित्य विक्रम मालीवाल©
चित्तौड़गढ़, राजस्थान ।
यारा... यह तो बस एक मुक़ाम है,
आग़ाज़ कहीं और था,
कहीं और ही अन्जाम है ..!!
आदित्य विक्रम मालीवाल ©
चित्तौड़गढ़, राजस्थान ।