शुक्रवार, 2 सितंबर 2016

"यारी..!!"

यारा... यह तो बस एक मुक़ाम है,
आग़ाज़ कहीं और था,
कहीं और ही अन्जाम है ..!!

आदित्य विक्रम मालीवाल ©
चित्तौड़गढ़, राजस्थान ।

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