गुरुवार, 29 सितंबर 2016

"भारतीय सेना का न्याय"

आज शुभारम्भ है न्याय का,
प्रतिशोध के अभिप्राय का,
सिंहनियों के दूध की लाज बचाई है,
सिंहों की मूछें ताव में फिर आज आई है ॥

जय हिन्द..।
जय भारत...॥

आदित्य विक्रम मालीवाल©
चित्तौड़गढ़, राजस्थान ।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें