गुरुवार, 29 जून 2017
गुरुवार, 22 जून 2017
सीख रहा हूँ - (10)
खुले मन से की जाए वह सहायता है, कुण्ठित मन से तो एहसान ही किये जाते हैं ।
आदित्य विक्रम मालीवाल ©
आदित्य विक्रम मालीवाल ©
चित्तौड़गढ़, राजस्थान ।
सीख रहा हूँ - (9)
सहायता मिले या कृपा, ग्राही को दाता के प्रति सदैव विनम्र ही होना चाहिए।
आदित्य विक्रम मालीवाल ©
आदित्य विक्रम मालीवाल ©
चित्तौड़गढ़, राजस्थान ।
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