गुरुवार, 22 जून 2017

सीख रहा हूँ - (14)


सीख रहा हूँ - (13)


सीख रहा हूँ - (12)


सीख रहा हूँ - (11)


सीख रहा हूँ - (10)

खुले मन से की जाए वह सहायता है, कुण्ठित मन से तो एहसान ही किये जाते हैं 

आदित्य विक्रम मालीवाल ©
चित्तौड़गढ़, राजस्थान ।

सीख रहा हूँ - (9)

सहायता मिले या कृपा, ग्राही को दाता के प्रति सदैव विनम्र ही होना चाहिए।

आदित्य विक्रम मालीवाल ©
चित्तौड़गढ़, राजस्थान ।