शब्द भेद इतिहास रच गया,
रखी धर्म की लाज।
सकल हिन्दू सम्राट प्रतापी,
जय जय पृथ्वीराज॥
शब्दवेधी बाणों के संधान में पारंगत अपने समय का एक मात्र योद्धा जिनकी खड़ग को उनके अलावा कोई दूसरा उठा भी नहीं सकता था। विश्व इतिहास के अनन्त गगन में अपने शौर्य प्रकाश से जगमगाते चिरंजीवी पुंज “सम्राट पृथ्वीराज चौहान” की जयन्ती पर उन्हें कोटिशः नमन एवं सादर स्मरण।
हर हर महादेव।🚩
आदित्य विक्रम मालीवाल©
चित्तौड़गढ़, राजस्थान।
