बुधवार, 17 मई 2017

सीख रहा हूँ - (8)

"पूर्वाग्रह" विवेकपूर्ण निष्पक्ष विचार का सबसे बड़ा शत्रु है ।

आदित्य विक्रम मालीवाल ©
चित्तौड़गढ़, राजस्थान ।

सीख रहा हूँ - (7)

शिष्टता में व्यावहारिकता उतनी ही आवश्यक है जितनी व्यवहार में शिष्टता ।

आदित्य विक्रम मालीवाल ©
चित्तौड़गढ़, राजस्थान ।

शिक्षा, शिक्षण, शिक्षण व्यवस्था - 1

शिक्षा का गुण उसकी क़ीमत से मत आँकिये। गुणवत्ता जाँच में महत्वपूर्ण है शिक्षक, शिक्षा व्यवस्था एवं सर्वोपरि है विद्यार्थी की जन्मना योग्यता।

सोमवार, 1 मई 2017

ट्रोल कथा !!

आप कुछ भी कहें वो बोल,
और हम कहें तो ट्रोल !!

आपकी माँगे विकास और आज़ादी,
हम माँगे तो गुण्डई और बर्बादी !!

इनकी बकवास भी कूल,
हमारा प्रामाणिक ज्ञान बस ऊल-जुलूल !!

इनके ग़लत "बिचारे नादान",
और हमारे सही भी "ग़लत इन्सान" !!

"लुकिन हॉट" सुनते ही आये चेहरे पे लाली,
हमारा "भैयाजी/बहनजी" कहना जैसे देसी गाली !!

जो कपड़े उतारे वो "डूड",
जो पहनने को कह दे वो "रूड" !!

वाह रे वामपंथी-फ़ेमिनिस्ट जीवों,
कभी दारू की जगह छाछ भी पीवो !!

थोपते तुम हो, हम तो बचाते हैं,
खुले विचार सीमा में हों तो हम भी अपनाते हैं !!

षड्यंत्र तुम्हारे, मूर्खता हमारी,
जो इतनी फैल गई यह वैचारिक बीमारी !!

ग़लत तुम्हारे ज़्यादा हैं, सही हम भी नहीं हैं सारे,
हम ही अपना भूल रहें हैं, इसीलिए हैं हारे !!

समय अब भी है पहले स्वयं को सुधारें,
जो भटक गये हैं भाई-बहन उन्हें दिल से पुकारें !!

एक बार को छोड़ के गर्मी ठण्डे दिल से सोचें,
हम बड़े दिल के भारतीय हैं नहीं है ओछे !!

ख़ुद भी समझें दूसरों को भी समझाएँ,
संयम और सीमाओं को सनक से बचाएँ !!

गाली-गलौज से दूर रहें, तर्क में मधुरता लाएँ,
जमकर बहस करें किन्तु सभ्यता ना भुलाएँ !!

आओ हमारी संस्कृति को सही तरीक़े से पेश करें,
चाहे विरोधी हो या हो शत्रु, नहीं किसी से द्वेष करें !!

बहुत ऊँची है हमारी भारतीयता, झूठों से नहीं मिट पाएगी,
पहले हमें अपनाना होगा, तभी दूसरों को समझ में आएगी !!

आदित्य विक्रम मालीवाल ©
चित्तौड़गढ़, राजस्थान ।