मंगलवार, 30 जून 2020

हौंसलों की दास्ताँ !!


नेक नीयत के हौंसले बुलन्द हुए,
तो कमाल हुआ!
जो बुलन्द हुए हौंसले मक्कार नीयत के,
तो बवाल हुआ!
पाला बदलती है नीयत,
काम के हिसाब से!
बेचारे, हौंसलों से हमेशा सवाल हुआ।।