मंगलवार, 18 अप्रैल 2017

सीख रहा हूँ - (6)

"सब विषयों का एक ही उपाय, राम धुनी में मन रम जाय" ।

 आदित्य विक्रम मालीवाल ©
 चित्तौड़गढ़, राजस्थान ।

सीख रहा हूँ - (5)

"सोचकर बोलना" या "बोलकर सोचना" तय करता है कि आगे संवाद होगा या विवाद ।

आदित्य विक्रम मालीवाल ©
चित्तौड़गढ़, राजस्थान ।

सीख रहा हूँ - (4)

"आजकल सम्बन्धों की परिभाषाएँ सोशल मीडिया की गतिविधियाँ तय करने लगी हैं"

आदित्य विक्रम मालीवाल ©
चित्तौड़गढ़, राजस्थान ।

गुरुवार, 13 अप्रैल 2017

सीख रहा हूँ - (3)

"क्षमा", माँग लेने और कर देने से बड़ी दर्दनिवारक दवा और कोई नहीं है |

आदित्य विक्रम मालीवाल ©
चित्तौड़गढ़, राजस्थान ।

सीख रहा हूँ - (2)

मौन रहना एक साधना है और सोच-समझ कर बोलना उसका एक प्रतिफल ।

आदित्य विक्रम मालीवाल ©
चित्तौड़गढ़, राजस्थान ।

सीख रहा हूँ - (1)

स्नेह-निष्ठा से भरपूर जीवित रिश्ते ही सबसे प्रासंगिक संचित पूँजी है ।

आदित्य विक्रम मालीवाल ©
चित्तौड़गढ़, राजस्थान ।

शनिवार, 1 अप्रैल 2017

"अजीब दुनियाँ"

अजीब सा है ज़माना, अजीब सी है रीत,
बहरों की बारात में, बजा रहे संगीत !!

आदित्य विक्रम मालीवाल ©
चित्तौड़गढ़, राजस्थान ।