गुरुवार, 13 अप्रैल 2017

सीख रहा हूँ - (1)

स्नेह-निष्ठा से भरपूर जीवित रिश्ते ही सबसे प्रासंगिक संचित पूँजी है ।

आदित्य विक्रम मालीवाल ©
चित्तौड़गढ़, राजस्थान ।

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