शुक्रवार, 5 अगस्त 2016

"ना अक्ल बड़ी ना भैंस !"

जो बनें सिकंदर किस्मत से, हर बात में खाए तैश !
खुदको ही समझे भगवन, ना अक्ल बड़ी ना भैंस !!!

आदित्य विक्रम मालीवाल ©
चित्तौड़गढ़, राजस्थान |

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