हर माँ बच्चे से पूछ रही
पापा दोहराए बात वही
पैदा तो ये इन्सान हुए थे
अब इनको क्या हुआ ?
यह हैं “आज" के “मॉडर्न" युवा..!!
जूते, कपड़े, गाड़ी, मोबाइल
पहचान है इनकी “यो यो" स्टाइल
बाल रंगा के कान छिदा के
गोग्ज़ पहनके देना स्माइल
धुत्त नशे में खूब थिरकना
और उड़ाना धुआँ
यह हैं “आज" के “मॉडर्न" युवा..!!
रोज इन्हें कुछ नया है करना
नये के नाम पे पागल बनना
चमक दमक से खूब ठगाना
और लोगों की ज़ेबें भरना
बदल के मटका हुआ कसीनो
खेल वही है जूआ
यह हैं “आज" के “मॉडर्न" युवा..!!
झूठ बोलकर खुश ये होते
बिन पैंदे के हैं ये लोठे
धरम ईमान की लगा के लंका
धोखा देकर चैन से सोते
बस खुदको ही शेर समझते
बाकी सबको चूहा
यह हैं “आज" के “मॉडर्न" युवा..!!
धेले भर की नहीं तमीज़
शान से पहने फटी कमीज़
शर्म हया की बात ही छोड़ो
“बत्तमीज़ दिल" इन्हें अजीज़
सब डूब रहे हैं फेशन में
बरबादी का है कुँआ
यह हैं “आज" के “मॉडर्न" युवा..!!
आदित्य विक्रम मालीवाल©
चित्तौड़गढ़, राजस्थान |
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