मंगलवार, 12 जुलाई 2016

"नयी सुबह, उम्मीद नयी ।"

सपने थे कुछ खट्टे-मीठे, गयी रात सब बीत गया,
एक सुबह उम्मीद भरी, यह जीने का पैगाम नया ।😊

आदित्य विक्रम मालीवाल ©
चित्तौड़गढ़, राजस्थान ।

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