मंगलवार, 29 दिसंबर 2015

"बोल फक़ीरा-६"

"कुछ अन्जाने अपनों ने, मेरे सपनों को तोड़ दिया..
जिसे दिखाई राह उसने, गुमराह किया और छोड़ दिया ..!!!

आदित्य विक्रम मालीवाल ©
चित्तौड़गढ़, राजस्थान ।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें